2 प्याज की पेस्ट
2 टमाटर की प्यूरी
2 चाय का चम्मच अदरक लहसुन पेस्ट
1/2 कप दही
थोड़ा धनिया, हल्दी पाउडर, गर्म मसाला पाउडर
लाल मिर्च, नमक स्वादानुसार
1 छोटा चम्मच साबुत गर्म मसाला
1/2 छोटा चम्मच कसूरी मेथी
1/2 छोटा चम्मच मैथी दाना
3 बड़े चम्मच तेल
पालक जिसे हम सब्जी की तरह इस्तेमाल करते है इसमें औषधीय गुण भी होते है।इसमें आयरन,कैल्शियम, सोडियम, क्लोरीन, फास्फोरस, खनिज लवण, प्रोटीन, विटामिन ए व सी आदि तत्व पाए जाते है।
लौह तत्व की कमी की वजह से रक्ताल्पता या एनीमिया में पालक का सेवन अत्यंत लाभकारी है।
ऐसे रतौन्धी रोगी जिन्हें हल्के प्रकाश में स्पष्ट दिखाई नही देता उन्हें गाजर व टमाटर के रस में बराबर मात्रा में पालक का जूस देने से लाभ होता है।
पालक के रस में सेंधा नमक मिलाकर पीने से दमा और श्वास रोगों में लाभ होता है।
ब्लड प्रेशर के रोगियों को पालक का सेवन अधिक करना चाहिये। यह रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करता है।
पालक के निरंतर सेवन से रंग में निखार आता है।रक्त शुद्धि और शक्ति का संचार होता है।
शारीरिक दुर्बलता के लिए पालक और टमाटर का रस मिलाकर सेवन करना लाभप्रद होता है।
कैल्शियम से भरपूर पालक हड्डियों के लिए भी गुणकारी है।
गर्भावस्था में फोलिक एसिड की पूर्ति के लिए पालक का सेवन लाभप्रद है।
ककड़ी, गाजर और पालक का रस समान मात्रा में बनाकर पीने से बालों को लाभ होता है।बाल लंबे और घने होते है।