Tuesday, 30 May 2017

विटामिन डी की कमी से होने वाले नुकसान vitamin d deficiency (hindi)

विटामिन डी एक जरुरी पोषक तत्व हे जो शरीर में केल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी हे। ये सूरज की रौशनी के सम्पर्क में आने पर त्वचा में खुद ब खुद बनने लगता हे। सूरज की रौशनी में 10 मिनट खड़े रहने पर भी पर्याप्त विटामिन डी मिल जाता हे मगर दुर्भाग्य से देश में पर्याप्त सूरज की रोशनी होने पर भी लगभग 65 से 70 फीसदी भारतीयों में विटामिन डी की कमी हे। और अन्य 15 फीसदी में विटामिन डी अपर्याप्त मात्रा में हे।
विटामिन डी की कमी और कम मात्रा में केल्शियम का सेवन आस्टियोपोरोसिस, निम्न बोन मास और मांसपेशियो की कमजोरी के महत्वपूर्ण जोखिम कारक हे।
 
विटामिन डी की कमी के लक्षण --  जोड़ो या पीठ में दर्द, थकान, डिप्रेशन , मांसपेशियो में दर्द आदि।

विटामिन डी की कमी के कारण --  सूरज की रौशनी कम मिलना, सनस्क्रीन का जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल करना, त्वचा का रंग निर्धारित करने वाले पिगमेंट मेलानिन का अधिक होना भी विटामिन डी की कमी का कारण बन सकता हे। मेलानिन सूरज की रौशनी से त्वचा में विटामिन डी बनने की प्रक्रिया को बाधित करता हे।
  बहुत ज्यादा वजन होने के कारण भी विटामिन डी की कमी हो सकती हे क्योकि रक्त में विटामिन डी को फैट कोशिकाए अवशोषित कर लेती हे जिसके कारण समस्या बढ़ सकती हे।
कुछ बीमारियों जैसे कोलिएक डिजीज़, पाचन तंत्र में कोई गड़बड़ी होने से भी कई बार खाने की चीजो में मौजूद विटामिन डी अवशोषित नही हो पाता और इसकी कमी हो जाती हे।

विटामिन डी की कमी से हड्डिया कमजोर और भुरभुरी हो जाती हे साथ ही विटामिन डी ह्रदय , मस्तिष्क और प्रतिरोधी कार्यो के लिए भी सामान रूप से महत्त्वपूर्ण हे। स्वस्थ शरीर बनाये रखने में विटामिन डी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता हे।

विटामिन डी  अंडा,  मशरूम, चीज, मछली,  कॉड लिवर  और फोर्टीफाइड दूध में होता हे।
विटामिन डी की ज्यादा कमी होने पर सिर्फ सूरज की रौशनी और खाने पीने की चीजो से इस कमी को पूरा नही किया जा सकता। इसके लिए सप्लीमेंट लेने होते हे। ज्यादातर सप्लीमेंट्स ऐसे होते हे जिन्हें हफ्ते में एक ही बार लेना होता हे।

1 comment:

  1. विटामिन डी के विषय में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी आप ने दिया ! अच्छे स्वास्थ्य के लिए विटामिन डी का बहुत महत्त्व है ।

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