Saturday, 25 February 2017

स्वाद राजस्थान का

किसी भी क्षेत्र की खाद्य संस्कृति पर उस क्षेत्र की भोगोलिक परिस्थितियों का व्यापक प्रभाव पड़ता हे। हमारा देश भारत भोगोलिक परिस्थितियों के मामले में अपनेआप में विभिन्नताए समेटे हुए हे। यहा एक जगह समन्दर हे तो दूसरी जगह रेगिस्तान। कही कलकल करती नदिया, कही पथरीले पठार, कही बर्फीली वादिया तो कही हरे भरे हरियाले मैदान। इसलिए यहा हर क्षेत्र का अपना अलग फ़ूड कल्चर हे। आज बात करते हे राजस्थान की।
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   राजस्थानी फ़ूड कल्चर काफी समृद्ध हे। यहा के खाने में दूध, दही, घी, दाले और अनाज की प्रमुखता हे। पानी की कमी और रेतीली भूमि की वजह से हरी सब्जियों की कमी हे। चने की दाल से बनने वाला "बेसन" भी एक प्रमुख सामग्री हे। जिससे कई तरह के व्यंजन बनाये जाते हे। जैसे बेसन के गट्टे, कढ़ी - पकोड़े, नमकीन वगैरह। यहा का खाना बाकि दुसरे क्षेत्रो के मुकाबले तीखा और मसालेदार होता हे। मिठाइयाँ भी काफी पसंद की जाती हे और अक्सर खाने के साथ या पहले( मेन कोर्स) में परोसी जाती हे। दाल बाटी चूरमा तो राजस्थानकी पापुलर डिश हे ही इसके अलावा जोधपुर की मिठाइयाँ और मावे की कचोरिया, बीकानेर की भुजिया और रसगुल्ले, पुष्कर के मालपुए और जयपुर के घेवर भी काफी पसंद किये जाते हे।

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